Inpired by Sahir's Jab Hum Chalein from Pyaasa
हम कहें तो के जैसे लफ्ज़ रवां दौड़ में
तुम कहो तो जैसे मौसीक़ी चेहेल निकले
चुप्पी हमारी अरसों, खो जाये तहख़ानों में
तुम्हारी ख़ामोशी पलभर, शायर कि ग़ज़ल निकले
हम कहें तो के जैसे लफ्ज़ रवां दौड़ में
तुम कहो तो जैसे मौसीक़ी चेहेल निकले
चुप्पी हमारी अरसों, खो जाये तहख़ानों में
तुम्हारी ख़ामोशी पलभर, शायर कि ग़ज़ल निकले
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